सोमवार, 2 मार्च 2026

नेता सब बैठकर बात करें सोचकर,

        बंद युद्ध चाहिए 
*******************************
मरती जनता आम, जीवन हुआ हराम, 
रुक गए सभी काम, युद्ध होना चाहिए ?

युद्ध से अवरुद्ध है, मानस जन क्रुद्ध है,
रुका हुआ विकास है, बंद युद्ध चाहिए।

धरा से गगन तक, सुबह से शाम तक,
गरज रहीं तोपक, रोक होना चाहिए।

नेता सब बैठकर, बात करें सोचकर,
कोई हल निकालकर, बात होना चाहिए।
****कमलेश नागवंशी-बनखेड़ी 🌹*****

👉अंतिम डेट निकलने का मेरी इस रचना को अवश्य पढ़ें 🙏 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

घृणित युद्ध की करुण कहानी सुना रहा हूं आज

********************************** देखे, सुने जन धन प्रलय का, दृश्य दिखाता आज। घृणित युद्ध की करुण कहानी, सुना रहा हूं आज।। ऐक शिया तो दूसर ...