आओ भूरा भगत चलें

                       
                       हम चले भूरा भगत 
    भूरा भगत जाना है, चलिए पहले हम भूरा भगत जी के बारे में कुछ थोड़ी सी जानकारी ले लेते हैं। आप किसी भी दिशा से आते हो आपको सतपुड़ा के घने जंगलों से होकर गुजरना होगा। पचमढ़ी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व होने के कारण यहां जंगली जानवरों की अधिकता मिलेगी। जंगल हरे-भरे, कल-कल बहते पानी के स्रोत मन को मोह लेते हैं।
     संत भूरा भगत की तप स्थली, सांगाखेड़ा तहसील-तांमिया, जिला - -छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश, एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर कातिया समाज के महान संत भूरा भगत महाराज को समर्पित है। संत भूरा भगत ने तप करके शंकर भगवान के दर्शन किए और वरदान के रूप में उनकी सेवा करना मांग लिया। वे चौरा गढ़ पर शंकर जी के दर्शन करने जाने वाले भक्तों को राह दिखाते हैं। एक प्रतिमा चौरागढ़ में शंकर जी के सामने भी है। पास में बहती हुई देनवा नदी है जिसे पवित्र माना गया है। भूरा भगत का मंदिर छिंदवाड़ा जिले में और चौरा गढ़ शिव मंदिर नर्मदापुरम जिले में है। देनवा नदी दोनों जिलों की सीमा तय करती है। नागपुर की ओर से आने वाले भक्तों के लिए यह पहला द्वार पड़ता है। बिना भूरा भगत के दर्शन किए शंकर जी के दर्शन करना अधूरा माना जाता है। यहां पर सभी समाज के लोग आते हैं। भूरा भगत गौड़ (कोयावंशी) समाज में भी देव रूप में पूजे जाते हैं। प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि पर 10 दिवसीय मेला लगता है इस मेले में सबसे अधिक श्रृद्धालु नागपुर ( महाराष्ट्र) से आते हैं और चौरागढ़ शंकर भगवान को त्रिशूल चढ़ाते हैं। 
     चौरागढ़, भूरा भगत सांगाखेड़ा से जाने पर कठिन चढ़ाई पड़ती है जबकि पचमढ़ी से जाने पर सड़क सुविधा है फिर भी लगभग 1300 सीढियां चढ़ना होता है।
    तो चलिए हमारे देश के विभिन्न स्थानों से संत श्री भूरा भगत महाराज के धाम लेकर चलते हैं। यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया है जो कि मध्य रेलवे इटारसी-जबलपुर लाइन पर है। पचमढ़ी में एक छोटा सी हवाई पट्टी भी है। किस शहर से कितनी दूरी तय करना है:-
    
सतपुड़ा के जंगल 

1- बनखेड़ी से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 100किलोमीटर
2- पिपरिया से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 80 किलोमीटर 
3- सोहागपुर से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 95 किलोमीटर 
4- नर्मदापुरम से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 145 किलोमीटर 
5- इटारसी से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 148 किलोमीटर 
6- भोपाल से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 220 किलोमीटर 
7- भोपाल बाह्या बरेली से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 235 किलोमीटर 
8- नागपुर से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 208 किलोमीटर 
9- छिंदवाड़ा से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 85 किलोमीटर 
10- परासिया से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 59 किलोमीटर 
11- तामिंया से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 35 किलोमीटर 
12- जुन्नारदेव बाह्या परासिया से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 40 किलोमीटर 
13- बेतूल बाह्या घोड़ाडोंगरी से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 116 किलोमीटर 
14 - गाडरवारा बाह्या पिपरिया से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 135 किलोमीटर 
15 - गाडरवारा चीचली बाह्या चांवलपानी से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 115 किलोमीटर 
16 - करेली से गाडरवारा चीचली चांवलपानी झिरपा से 178 किलोमीटर 
17 - नरसिंहपुर बाह्या पिपरिया संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 187 किलोमीटर 
18 - नरसिंहपुर बाह्या हर्रई संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 150 किलोमीटर 
19 - नरसिंहपुर बाह्या गाडरवारा चीचली से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 133 किलोमीटर 
20 - जबलपुर से बाह्या लखनादौन से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 256 किलोमीटर 
21- दिल्ली से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 935 किलोमीटर 
22 - कोलकाता से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 1415 किलोमीटर 
23 - मुंबई से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 880 किलोमीटर 
24 - चैन्नई से संत भूरा भगत मंदिर सांगाखेड़ा 1330 किलोमीटर 
        आपने भूरा भगत, मंदिर सांगाखेड़ा के दर्शन कर लिए हैं,अब यहां से नांदिया गांव तीन किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है। यहीं से चौरा गढ़ की चढ़ाई शुरू होती है। यहां भी प्राकृतिक सौंदर्य देखने को मिलता है। इसके बाद आप वाहन से गये हैं तो लौट कर देलाखारी, झिरपा, मटकुली, से पचमढ़ी अवश्य जाएं। रास्ते भर आपको बहुत से सुंदर स्थान देखने को मिलेंगे। देनवा दर्शन, पगारा, वारीआम, अम्मा माई, जटाशंकर, सतपुड़ा की सबसे ऊंची चोटी धूप गढ़, पांडव गुफा आदि । पचमढ़ी में उच्च स्तरीय ठहरने की व्यवस्था है। यहां राष्ट्रपति भवन भी है। भारतीय सैनिक प्रशिक्षण केन्द्र है। सबसे पुरानी श्री प्यारेलाल कतिया धर्मशाला भी है। पचमढ़ी को सतपुड़ा की रानी और मध्यप्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी भी कहा जाता है।
          आप अवश्य पधारें 🙏
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