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देखे, सुने जन धन प्रलय का, दृश्य दिखाता आज।घृणित युद्ध की करुण कहानी, सुना रहा हूं आज।।
ऐक शिया तो दूसर सुन्नी, ताकत जिनके पास।
पांच लाख थे मरे निवासी, खूब हुआ था नास।।
आठ साल तक मची तबाही, आगे थे सद्दाम।
रहा अहम का यह मामला, खूब सुना था नाम।।
इराक युद्ध का तुमको चित्रण,दिखा रहा हूं आज…
घृणित युद्ध की करुण कहानी, सुना रहा हूं आज..१
नब्बे से फिर शुरु हुई थी, खाड़ी बाली त्रास।
ताकत जिसके पास वही तो, करता सबको दास।
लाखों में जनता को मारा, किया नीचता काम।।
धरती का सब तेल जलाया, बहुत बढ़ाया दाम।।
तुमको वर्णन खाड़ी वाला, सुना रहा हूं आज…..
घृणित युद्ध की करुण कहानी,सुना रहा हूं आज..२
संघ सोवियत विघटन देखो, यूक्रेन पर मार।
सन सत्रह से शुरू हुआ है, नहीं बंद आसार।।
अभी अभी फिर इजराइल का, शुरू हुआ है युद्ध।
मरते आम नागरिक अक्सर, काम हुआ अवरुद्ध।।
गरज रहीं हैं सभी तरफ से, तोप गिराती गाज….
घृणित युद्ध की करुण कहानी, सुना रहा हूं आज..३
मिल कर सभी एक को घेरें, नहीं मानते बात।
मार दिया खामेनेई को, क्या जन की औकात।।
युद्ध न होना कभी चाहिए, गिरे गर्त में देश।
पहुंचे जन जन को मेरा, यही विपुल संदेश।।
बना रहे भाई चारा भी, आये सबको लाज…
घृणित युद्ध की करुण कहानी, सुना रहा हूं आज..४
देखे, सुने जन धन प्रलय का, दृश्य दिखाता आज।
**********कमलेशनागवंशी-बनखेड़ी🌹*********
👉वंशवाद की बेल कृपया इस रचना को अवश्य पढ़ें 🙏
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