दस्तूर निभाएं
दस्तूर निभाएं
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सबका बनकर साथ निभाएं, चलो मदद का हाथ बढ़ाएं।
कोई नहीं चिरंतन होता, सारी दुनिया को बतलाएं.....
साथ साथ में पुण्य कमाएं, चलो आज दस्तूर निभाएं।
जग में आ कर माया जोड़ी , दीनों की अब हरें बलाएं।।
सुख तो खूब कमाया हमने,आओ मिलकर पुण्य कमाएं।
सबका बनकर साथ निभाएं,चलो मदद का हाथ बढ़ाएं.....१
आओ हम अभियान चलाएं, नूतन कोई गीत सुनाएं
पथ के राही की गलियों में, नरम-गरम सी दूब उगाएं।।
जो हैं भूले भटके साथी, उन सबको हम गले लगाएं।
सबका बनकर साथ निभाएं,चलो मदद का हाथ बढ़ाएं.....२
दीन दुखी के बनें सहारा, अगर कहीं पर जो मिल जाएं।
कंटक चुभे हुए जीवन में, उनके मनसे अभी हटाएं।।
भूल हुई जो उनसे थोड़ी, उन्हें ज्ञान को पाठ पढ़ाएं।
सबका बनकर साथ निभाएं,चलो मदद का हाथ बढ़ाएं....३
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कमलेश नागवंशी बनखेड़ी 👉 उर में भरो चेतना नर्मदा जी प्रार्थना अवश्य पढ़ें 🙏
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