पूछे विरहिन
🪴 विरहिन🪴
मो विरहिन की अब सुध लीजे* पिया हाल बस कह दीजे।
तरुवर, पवन, गगन के चूजे* कारज एक तुम कर दीजे। १
पूछे पिया विरह की आग* झुलसत तन बढ़त अनुराग।
प्रीत लगा कर काहे छोड़ी* काहे लिया तुम वैराग। २
पूछत फिरत, तरूवर,खग से* गगन, शिला और धरा से।
सुमन, पंखुड़ी, पत्र, तनों से* कंद, मूल, शूल, सिरा से।३
महुआ, कोसम दो संदेशा* पिय बुला दो मेरे पास।
अंजन, आम, अनार,पिवासा* कठल बबूल तेरी आस।४
होती विकल मीन बिन नीरा* कठिन हुआ मेरा जीना।
मो विरहिन की अब सुध लीजे* पिया हाल बस कह दीजे।
तरुवर, पवन, गगन के चूजे* कारज एक तुम कर दीजे। १
पूछे पिया विरह की आग* झुलसत तन बढ़त अनुराग।
प्रीत लगा कर काहे छोड़ी* काहे लिया तुम वैराग। २
पूछत फिरत, तरूवर,खग से* गगन, शिला और धरा से।
सुमन, पंखुड़ी, पत्र, तनों से* कंद, मूल, शूल, सिरा से।३
महुआ, कोसम दो संदेशा* पिय बुला दो मेरे पास।
अंजन, आम, अनार,पिवासा* कठल बबूल तेरी आस।४
होती विकल मीन बिन नीरा* कठिन हुआ मेरा जीना।
तन कृष, हाड़-मास सुखाना* है कठोर कंठ जल पीना। ५
जामुन जाम और जयवासा* लेड़ लसोड़ अरु अडूसा।
बाँदा, बरगद, चंदन, बांसा* कहां होंगे पिय पलासा ?६
गिरा गिरा अंसुअन की धारा* नम नयन भये अंगारा
भिलमा, बहेड़ा, अरु पापरा* नीम, सरारु अरु धपारा। ७
हँसुरी हार भार सम लागे* पिया छुई पवन जिआदे।
चंदन चंप, चमेल, मकोई* खिन,घरिया सजन मिलादे।८
गैंदा, गुलाब, अरी बिरौली* ताड़, खजूर, चीड़, चिरौल।
बेकल,इमली, ईख, गुरबैली* कदंब करंज अरू करौल। ९
आस दिला दो ओ हरकारे* उदित किरण भये भुनसार।
गुरार, गोखर, हरसिंगारे* रिंमझ, कनेर अरु कचनार।१०
पिय बिना चंद मोहि चिढ़ावे* दर्शन बिना जान निकलत।
समी,सागौन, शीशम रानी* बेर,खैर, बेकल, किलपत। ११
अचार, अशोक, तेंदु भैया* अब सैंया मुझे बताओ।
एक संदेशा पिया पठा दो* मेरे हिय अमिय पिलाओ। १२
केला, चीकू, पाठे राजा,* बेलपत्र, तुलसी ताजा।
सहजन,पीपल,पाकड़,साजा* गूलर, कर दे मोरे काजा।१३
शहतूत, कौंच,कुल्लु, माहुल* तिनसा, गुमची, नागफनी।
जामुन जाम और जयवासा* लेड़ लसोड़ अरु अडूसा।
बाँदा, बरगद, चंदन, बांसा* कहां होंगे पिय पलासा ?६
गिरा गिरा अंसुअन की धारा* नम नयन भये अंगारा
भिलमा, बहेड़ा, अरु पापरा* नीम, सरारु अरु धपारा। ७
हँसुरी हार भार सम लागे* पिया छुई पवन जिआदे।
चंदन चंप, चमेल, मकोई* खिन,घरिया सजन मिलादे।८
गैंदा, गुलाब, अरी बिरौली* ताड़, खजूर, चीड़, चिरौल।
बेकल,इमली, ईख, गुरबैली* कदंब करंज अरू करौल। ९
आस दिला दो ओ हरकारे* उदित किरण भये भुनसार।
गुरार, गोखर, हरसिंगारे* रिंमझ, कनेर अरु कचनार।१०
पिय बिना चंद मोहि चिढ़ावे* दर्शन बिना जान निकलत।
समी,सागौन, शीशम रानी* बेर,खैर, बेकल, किलपत। ११
अचार, अशोक, तेंदु भैया* अब सैंया मुझे बताओ।
एक संदेशा पिया पठा दो* मेरे हिय अमिय पिलाओ। १२
केला, चीकू, पाठे राजा,* बेलपत्र, तुलसी ताजा।
सहजन,पीपल,पाकड़,साजा* गूलर, कर दे मोरे काजा।१३
शहतूत, कौंच,कुल्लु, माहुल* तिनसा, गुमची, नागफनी।
धामन, सतावर, मरोरफरी* जमराशी, मालकांगनी ।१४
गुलमोहर,अमरूद,सरीफा* कीकर, दल, सेव, पपीता।
हल्दू, नींबू, खजूर, सरीसा* दूब, आक, नागरमोता।१५
छाले पड़े पैर तम्बाकू* टपके लहू रामदतौन।
अग्नि शिखा दवाई बता दे* भंग करो प्रपंची मौन ।१६
मृग, मोरनी, गैयन, छेरी* नयन लगे जहर चकोरी।
हलवा, रोटी, पूरी मलाई* भरी खीर रजत कटोरी।१७
गैल, चौराह, पथ, पगडंडी* मोड़ छोर, कूप, बावड़ी।
पूछत फिरत गैल बहु जाय* राहगीर, पड़ी पांवड़ी।१८
अटा, हवेली, छप्पर, गेड़ा* गिरमा रस्सी अरु कानी।
झरना, नदिया, ताल, केदार* सुनले तू घर की छानी।१९
गैल, चौराह, पथ, पगडंडी* मोड़ छोर, कूप, बावड़ी।
पूछत फिरत गैल बहु जाय* राहगीर, पड़ी पांवड़ी।१८
अटा, हवेली, छप्पर, गेड़ा* गिरमा रस्सी अरु कानी।
झरना, नदिया, ताल, केदार* सुनले तू घर की छानी।१९
सुनते रहे जो प्यारे बोल* वह कान हो गए पराये।
तन,मन,लोचन विरह बिछाये* पिया हमें आप भुलाये।२०
तन,मन,लोचन विरह बिछाये* पिया हमें आप भुलाये।२०
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कमलेश नागवंशी-बनखेड़ी
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