चाॅकलेट का लोभ
चाॅकलेट का लोभ
**********************
चाकलेट का लोभ दिखाया,
बच्चों के मन को भाया….
चाकलेट का लोभ दिखाया,
बच्चों के मन को भाया….
डरते थे वे स्कूल नाम से,
पहली कक्षा के बच्चे।
रोते थे चिल्लाते थे वे,
थे पर मन के वे कच्चे।।
जुगती मैंने एक लगाया,
उनको मैंने भरमाया…..
चाकलेट का लोभ दिखाया….1
टाॅफी एक मिलेगी उनको,
निशदिन शाला आयेगा।
अपनी कापी में वो लिखकर,
मुझको रोज बतायेगा।।
फिर तो मैंने खूब पढ़ाया,
लालच उनके मन आया…
चाकलेट का लोभ दिखाया….2
बढ़ी उपस्थिति और ठहराव,
कक्षा से भी हुआ लगाव।
लगे बहुत दिन मुझको फिर भी,
सबके मन से मिटा तनाव।।
पढ़कर कविता खूब सुनाया,
बच्चों के मन को भाया…
चाकलेट का लोभ दिखाया…..3
************************
कमलेश नागवंशी-बनखेड़ी 🌹
पहली कक्षा के बच्चे।
रोते थे चिल्लाते थे वे,
थे पर मन के वे कच्चे।।
जुगती मैंने एक लगाया,
उनको मैंने भरमाया…..
चाकलेट का लोभ दिखाया….1
टाॅफी एक मिलेगी उनको,
निशदिन शाला आयेगा।
अपनी कापी में वो लिखकर,
मुझको रोज बतायेगा।।
फिर तो मैंने खूब पढ़ाया,
लालच उनके मन आया…
चाकलेट का लोभ दिखाया….2
बढ़ी उपस्थिति और ठहराव,
कक्षा से भी हुआ लगाव।
लगे बहुत दिन मुझको फिर भी,
सबके मन से मिटा तनाव।।
पढ़कर कविता खूब सुनाया,
बच्चों के मन को भाया…
चाकलेट का लोभ दिखाया…..3
************************
कमलेश नागवंशी-बनखेड़ी 🌹
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें